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अच्छे लोगों के साथ बुरा क्यो होता है

हमेशा अच्छे लोगों के साथ ही बुरा होता है। एक आम निष्कर्ष तो यही हैं कि अगर आप शेर को नहीं छेड़ते तो इसका मतलब यह नहीं कि शेर भी आपको नहीं खायेगा | तो फिर क्या यह संसार हमेशा से इसी तरह संचालित होता आया हैं ? शायद हाँ | इससे जुडी एक रोचक कहानी हैं - एक बार किसी जंगल में एक लड़का नदी किनारे घूम रहा था, तभी उसने एक दुखी और हताश स्वर में किसी के रोने की आवाज़ सुनी | उसने देखा की एक मगरमच्छ जाल में उलझा हुआ है और मदद के लिए पुकार लगा रहा हैं | वह लड़का उसकी मदद करना चाहता था परन्तु उसे उस पर संदेह भी था | मगरमच्छ: कृपया मेरी मदद करो, मुझे बचा लो, मुझे रिहा कर दो | लड़का : अगर मैं आपकी मदद करता हूँ तो आप आज़ाद होते हुए ही मुझे खा लेंगे | मगरमच्छ (रोते हुए): मैं उस व्यक्ति को कैसे खा सकता हूँ जिसने मेरी जान बचाई? इस विशाल वन में बहुत से जीव जंतु हैं जिन्हे मैं खा सकता हूँ | आप विश्वास रखे मैं आपको कोई हानि नहीं पहुँचाऊँगा और सदैव आपका ऋणी रहूंगा। (लड़के को दया आ गई और उसने जाल काटना शुरू कर दिया। जैसे ही मगरमच्छ का सिर जाल से बाहर आया तो उसने लड़के के पैर को अपने जबड़े में जकड लिया | ) मगरमच्छ...

बड़ी बेमुरव्वत होती है मोत

बड़ी ही बेमुरव्वत होती है मौत , न वक्त का ख़याल रखती है, न किसी के ओहदे का कोई लिहाज़। न इसे किसी की उम्र से कोई मतलब , न इसे किसी की जिम्मेदारी का कोई एहसास , एकदम खुदगर्ज़ है। कभी इसके आने की आहट भी नहीं मिलती तो कभी यह विकराल रूप धारण कर प्रलय मचा देती है। कोई भूख से मर जाता है तो कोई ज्यादा खाकर , कोई सोते सोते निकल लेता है , तो कोई बाथटब में। कुछ मज़े करने के चक्कर में मौत के लपेटे में आ जाते है। दिल्ली में एक सज्जन अपनी शादीशुदा प्रेमिका से मिलने गए तभी उसका पति भी आ गया , डर के मारे कूद पड़े तीसरी मंज़िल से - खाया-पिया कुछ नहीं और गिलास तोडा बारह आना। एक महाशय अपनी शादी की ख़ुशी में चल बसे तो एक ने शादी न होने के गम में ख़ुदकुशी कर ली। कोई शादी से खुश नहीं था इसीलिए, तो कोई जिंदगी से निराश था इसीलिए , कोई सब कुछ होते हुए भी खुश नहीं था तो कोई उसके पास कुछ नहीं था , इसीलिए जीना नहीं चाहता था। जितने व्यक्ति उतने कारण हो सकते है मौत आने के। राम हो या कृष्ण , रावण हो या विभीषण , राजा हो या रंक हो, साधु हो या संत हो , कोई नहीं बच पाया, यहाँ तक कि लाखो लोगो को मौत के घाट उतारने वाला हिटलर ...